Bhagwat Prapt Purushon Ke Lakshan / भगवत् प्राप्त पुरुष

Bhagwat Prapt Purushon Ke Lakshan

Bhagwat Prapt Purushon Ke Lakshan, भगवत् प्राप्त पुरुषों के लक्षण- जो मित्रों तथा शत्रुओं के लिए समान है, जो मान तथा अपमान, शीत तथा गर्मी, सुख तथा दुःख, यश तथा अपयश में समभाव रखता है, जो दूषित संगति से सदैव मुक्त रहता है, जो सदैव मौन और किसी भी वस्तु से संतुष्ट रहता है, जो किसी प्रकार के घर-बार की परवाह नहीं करता, जो ज्ञान में दृढ है और जो भक्ति में संलग्न है — ऐसा पुरुष मुझे अत्यन्त प्रिय है।

Sakar Aur Nirakar Ke Upasak / साकार और निराकार के उपासक

Sakar Aur Nirakar Ke Upasak

Sakar Aur Nirakar Ke Upasakon Ki Uttmata Ka Nirnay Aur Bhagvatprapti Ke Upay Ka Vishay, साकार और निराकार के उपासकों की उत्तमता का निर्णय और भगवत्प्राप्ति के उपाय का विषय- श्रीभगवान् ने कहा — जो लोग अपने मन को मेरे साकार रूप में एकाग्र करते हैं और अत्यन्त श्रद्धापूर्वक मेरी पूजा करने में सदैव लगे रहते हैं, वे मेरे द्वारा परम सिद्ध माने जाते हैं। लेकिन जो लोग अपनी इन्द्रियों को वश में करके तथा सबों के प्रति समभाव रखकर परम सत्य की निराकार कल्पना के अन्तर्गत उस अव्यक्त की पूरी तरह से पूजा करते हैं।

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