Brahma Gauri Punam Vrat Katha / ब्रह्म गौरी पूनम व्रत कथा

Brahma Gauri Punam Vrat Katha Aur Puja Vidhi
ब्रह्म गौरी पूनम व्रत कथा और पूजा विधि


Brahma Gauri Punam Vrat Katha Aur Puja Vidhi, ब्रह्म गौरी पूनम व्रत कथा और पूजा विधि :- यह व्रत पौष शुक्ल पक्ष तृतीया को किया जाता है। इस तिथि को जगज्जननी गौरी का षोडशोपचार पूजन करना चाहिए। यह प्रधानतया स्त्रियों का व्रत पर्व है।

ब्रह्मगौरी पूनम पूजा विधि :-

इस तिथि को जगज्जननी गौरी षौड़शोपचार पूजन करना चाहिए। यह प्रधानतया स्त्रियों का व्रत पर्व है। प्रातःकाल स्नान आदि करने के उपरान्त जगत जननी माँ गौरी का पूजन कर व्रत का संकल्प लें। धूप-दीप, नैवेद्य, पुष्प, अक्षत आदि से पूजन करें।

गौरी पूजन के प्रभाव से पति-पुत्र चिरंजीवी होते हैं, तथा परमधाम भी सुगम हो जाता है।

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