Sankatnashan Ganesh Stotram / श्री संकटनाशन गणेश स्तोत्रम्

Shri Sankatnashan Ganesh Stotram
श्री संकटनाशन गणेश स्तोत्रम्


देवा ऊचुः

नमो नमस्ते परमार्थरूप
नमो नमस्तेऽखिलकारणाय ।
नमो नमस्तेऽखिलकारकाय
सर्वेन्द्रियाणामधिवासिनेऽपि ।। 1 ।।

अर्थात् :- देवता बोले — हे परमार्थस्वरुप ! आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आप सबके कारण हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आप सबके कर्ता हैं, आपको नमस्कार है। आप सब इन्द्रियों में निवास करते हैं, आपको नमस्कार है।

नमो नमो भूतमयाय तेऽस्तु
नमो नमो भूतकृते सुरेश ।
नमो नमः सर्वधियां प्रबोध
नमो नमो विश्वलयोद्भवाय ।। 2 ।।

अर्थात् :- आप समस्त प्राणिमय हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। हे सुरेश ! आप भूत-सृष्टि के कर्ता और संहारक हैं ; आपको नमस्कार है। आप समस्त बुद्धियों के प्रबोध रूप हैं, संसार की उत्पत्ति और लय करने वाले हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है।

नमो नमो विश्वभृतेऽखिलेश
नमो नमः कारणकारणाय ।
नमो नमो वेदविदामदृश्य
नमो नमः सर्ववरप्रदाय ।। 3 ।।

अर्थात् :- हे अखिलेश ! आप विश्व के पालक हैं, कारणों के भी कारण हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आप वेदज्ञों के लिये भी अदृश्य हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आप सबको वर देने वाले हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है।

नमो नमो वागविचारभूत
नमो नमो विघ्ननिवारणाय ।
नमो नमोऽभक्तमनोरथघ्ने
नमो नमो भक्तमनोरथज्ञ ।। 4 ।।

अर्थात् :- आप वाणी के विचार से परे हैं — वाणी से आपके स्वरुप का कथन नहीं किया जा सकता ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आप विघ्नों का निवारण करते हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आप अभक्त के मनोरथ को नष्ट करने वाले हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आप भक्तों के मनोरथों को जानने वाले हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है।

नमो नमो भक्तमनोरथेश
नमो नमो विश्वविधानदक्ष ।
नमो नमो दैत्यविनाशहेतो
नमो नमः सङ्कटनाशकाय ।। 5 ।।

अर्थात् :- आप भक्तों के मनोरथों के स्वामी हैं, उनके मनोरथों को सिद्ध करने वाले हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आप विश्व की सृष्टि करने में कुशल हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आप दैत्यों के विनाश के कारण हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आप संकटों को नष्ट करने वाले हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है।

नमो नमः कारुणिकोत्तमाय
नमो नमो ज्ञानमयाय तेऽस्तु ।
नमो नमोऽज्ञानविनाशनाय
नमो नमो भक्तविभूतिदाय ।। 6 ।।

अर्थात् :- आप करुणा करने वालों में सर्वश्रेष्ठ हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आपका स्वरुप ज्ञानमय है ; नमस्कार है, नमस्कार है। आप अज्ञान को नष्ट करने वाले हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है। आप भक्तों को ऐश्वर्य प्रदान करते हैं ; आपको नमस्कार है, नमस्कार है।

और पढ़ें

Leave a Comment

error: Content is protected !!