Shiv Pratah Smaran Stotram / शिव प्रातः स्मरण स्तोत्रम्

Shri Shiv Pratah Smaran Stotram

Shri Shiv Pratah Smaran Stotram, श्री शिव प्रातः स्मरण स्तोत्रम् :- जो सांसारिक भय को हरने वाले और देवताओं के स्वामी हैं, जो गंगाजी को धारण करते हैं, जिनका वृषभ वाहन है, जो अम्बिका ईश हैं तथा जिनके हाथ में खट्वांग, त्रिशूल और वरद तथा अभयमुद्रा है, उन संसार-रोग को हरने के निमित्त अद्वितीय औषध रूप ‘ ईश ‘ ( महादेवजी )- का मैं प्रातःसमय में स्मरण करता हूँ। जो मनुष्य प्रातःकाल उठकर शिव का ध्यान कर प्रतिदिन इन तीनों श्लोकों का पाठ करते हैं, वे लोग अनेक जन्मों के संचित दुःखसमूह से मुक्त होकर शिवजी के उसी कल्याणमय पद को पाते हैं।

Ganesh Bhujang Stotram / श्री गणेश भुजंग स्तोत्रम्

Shri Ganesh Bhujang Stotram

Shri Ganesh Bhujang Stotram, श्री गणेश भुजंग स्तोत्रम्- जो मनुष्य प्रातः काल उठकर भक्तिपूर्वक इस सुन्दर स्तोत्र का पाठ करता है, वह सारी मनोकामनाओं को प्राप्त कर लेता है तथा भगवान् गणपति की कृपा से उसे वाक् सिद्धि प्राप्त हो जाती है। सर्वव्यापी भगवान् गणेश के प्रसन्न होने पर कुछ भी दुर्लभ नहीं है।

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