Gaaj Mata Ki Vrat Katha / गाज माता की व्रत कथा और पूजा

Gaaj Mata Ki Vrat Katha

Gaaj Mata Ki Vrat Katha Aur Puja Vidhi, गाज माता की व्रत कथा और पूजा विधि :- यह व्रत भाद्रपद के माह में रखा जाता है। अगर किसी के लड़का हुआ हो या लड़के की शादी हुई हो तो उसी साल भाद्रपद के किसी शुभ दिन को देखकर गाज का व्रत रहकर उजमन करें। प्रातःकाल स्नान आदि करके अगर किसी के लड़का हुआ हो या लड़के की शादी हुई हो तो उसी साल भाद्रपद के किसी शुभ दिन को देखकर गाज का व्रत रहकर उजमन करें।

Uma Maheshwar Vrat Katha / उमा महेश्वर व्रत कथा और पूजा

Uma Maheshwar Vrat Katha

Uma Maheshwar Vrat Katha Aur Puja Vidhi, उमा महेश्वर व्रत कथा और पूजा विधि :- यह व्रत भाद्र पूर्णिमा को किया जाता है। इस दिन उमा और शंकर की पूजा करनी चाहिए। प्रातः शुद्ध हो करके भगवान् शंकर की मूर्ति को स्नान कराके बेलपत्ते, फूल आदि से पूजन कर प्रार्थना करें तथा रात्रि को मन्दिर में जागरण करें।

Anant Chaturdashi Vrat Katha / अनंत चतुर्दशी व्रत कथा

Anant Chaturdashi Vrat Katha

Anant Chaturdashi Vrat Katha Aur Puja Vidhi, अनंत चतुर्दशी व्रत कथा और पूजा विधि :- भाद्र शुक्ल चतुर्दशी को शेषशय्या पर क्षीरसागर में सोने वाले विष्णु भगवान् की पूजा की जाती है और पूजा के अन्त में निम्न मन्त्र ” अन्ततः सर्वनागानामधिपः सर्वकामदः। सदा भयात् प्रसन्नो मे भक्तानामभयंकरः ” से प्रार्थना करनी चाहिए। यह विष्णु कृष्ण रूप हैं और शेषनाग काल रूप से विद्यमान रहते हैं। अतः दोनों की सम्मिलित पूजा हो जाती है।

Gau Giriraj Vrat Katha / गौ गिरिराज व्रत कथा और पूजा

Gau Giriraj Vrat Katha

Gau Giriraj Vrat Katha Aur Puja Vidhi, गौ गिरिराज व्रत कथा और पूजा विधि :- यह व्रत भाद्र शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को किया जाता है। इस दिन गौओं की पूजा करनी चाहिये। साथ में भगवान् लक्ष्मी-नारायण की भी पूजा करनी चाहिए। प्रातः काल स्नान आदि करने के उपरान्त भगवान् लक्ष्मी-नारायण की भी पूजा करनी चाहिए। इस दिन गौ माता की पूजा करनी चाहिए। पूजा करने के समय व्रत का संकल्प लें।

Vaman Dwadashi Vrat Katha / वामन द्वादशी व्रत कथा और पूजा

Vaman Dwadashi Vrat Katha

Vaman Dwadashi Vrat Katha Aur Puja Vidhi, वामन द्वादशी व्रत कथा और पूजा विधि :- भाद्र शुक्ल की द्वादशी वामन द्वादशी कहलाती है। इस दिन सुवर्ण या यज्ञोपवीत से वामन भगवान् की प्रतिमा स्थापित कर सुवर्ण पात्र से अर्घ्य दान करें, फल-फूल चढ़ावें तथा उपवास करें। वामन  द्वादशी के दिन प्रातःकाल स्नान आदि करने के उपरान्त भगवान वामन की प्रतिमा कर सुवर्ण पात्र से अर्घ्य दान करें, फल-फूल चढ़ावें तथा उपवास करें।

Parivartani Ekadashi Vrat Katha / परिवर्तनी एकादशी व्रत

Parivartani Ekadashi Vrat Katha

Parivartani Ekadashi Vrat Katha Aur Puja Vidhi, परिवर्तनी एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि :- भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मा एकादशी भी कहते हैं। यह श्रीलक्ष्मी जी का परम आह्लादकारी व्रत है। इस दिन भगवान् विष्णु क्षीरसागर में शेषशय्या पर शयन करते हुए करवट बदलते हैं। इसीलिए इसे ‘करवटनी’ एकादशी भी कहते हैं। इस दिन लक्ष्मी पूजन करना श्रेष्ठ है, क्योंकि देवताओं ने अपने पुनः राज्य को पाने के लिए महालक्ष्मी का ही पूजन किया था।

Mahalakshmi Vrat Katha / महालक्ष्मी व्रत कथा और पूजा

Mahalakshmi Vrat Katha

Mahalakshmi Vrat Katha Aur Puja Vidhi, महालक्ष्मी व्रत कथा और पूजा विधि :- यह व्रत राधाष्टमी के दिन किया जाता है, यह व्रत 16 दिन तक रखना चाहिये। महालक्ष्मी व्रत के दिन प्रातःकाल स्नान आदि करने के उपरान्त व्रत का संकल्प लें। यह व्रत 16 दिन तक रखना चाहिये। सबसे पहले व्रत रखने पर यह मन्त्र पढ़कर संकल्प करें।

Sri Radha Ashtami Vrat Katha / श्री राधा अष्टमी व्रत कथा

Sri Radha Ashtami Vrat Katha

Sri Radha Ashtami Vrat Katha Aur Puja Vidhi, श्री राधा अष्टमी व्रत कथा और पूजा विधि :- श्री राधा अष्टमी व्रत भादों मास सुदी अष्टमी को मनाया जाता है। इस दिन श्री राधा जी का जन्म दिवस है। ऐसी मान्यता है कि आज के ही दिन माँ राधा का जन्म हुआ था। इस दिन श्रीराधा और श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना करनी चाहिए। इस दिन श्री राधा जी का जन्म हुआ था।

Dubdi Saatein Vrat Katha / दुबड़ी सातें व्रत कथा और पूजा

Dubdi Saatein Vrat Katha

Dubdi Saatein Vrat Katha Aur Puja Vidhi, दुबड़ी सातें व्रत कथा और पूजा विधि :- दुबड़ी सातें त्यौहार भादों सुदी सातें को आता है। इस दिन दुबड़ी की पूजा की विधि-विधान पूर्वक करना चाहिए। इस दिन दुबड़ी की पूजा करनी चाहिए। एक पट्टे पर दुबड़ी ( कुछ बच्चों की मूर्ति, सर्पों की मूर्ति, एक मटका और एक औरत का चित्र ) मिट्टी से बना लेवें। उनको चावल, जल, दूध, रोली, आटा, घी, चीनी, मिलाकर लोई बनाकर उनसे पूजें, दक्षिणा चढ़ावें और भीगा हुआ बाजरा चढ़ावें।

Rishi Panchami Vrat Katha / ऋषि पंचमी व्रत कथा और पूजा

Rishi Panchami Vrat Katha

Rishi Panchami Vrat Katha Aur Puja Vidhi, ऋषि पंचमी व्रत कथा और पूजा विधि :- भाद्र शुक्ल पंचमी को ऋषि पंचमी कहते हैं। ऋषि पंचमी के दिन प्रातःकाल स्नान आदि करें। स्त्री-पुरुष सभी पापों की निवृत्ति के लिए करते हैं। व्रत रहने वाला किसी नदी या जलाशय में स्नान कर आँगन में बेदी बनावें। तत्पश्चात् गोबर से लीपकर मिट्टी या ताँबे का जल भरा कलश रखकर अष्टदल-कमल बनावें।

Ganesh Chaturthi Vrat Katha / गणेश चतुर्थी व्रत कथा

Ganesh Chaturthi Vrat Katha

Ganesh Chaturthi Vrat Katha Aur Puja Vidhi, गणेश चतुर्थी व्रत कथा और पूजा विधि :- गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार भारत के विभिन्न भागों में बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है किन्तु महाराष्ट्र में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इसी दिन गणेश का जन्म हुआ था। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चौथ को गणेश चतुर्थी का व्रत किया जाता है।

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